BMC Mayor Game: उद्धव की नई चाल से शिंदे OUT? BJP मेयर की राह आसान!

सुरेन्द्र दुबे ,राजनैतिक विश्लेषक
सुरेन्द्र दुबे ,राजनैतिक विश्लेषक

मुंबई नगर निगम (BMC) की मेयर कुर्सी को लेकर राजनीति अब होटल पॉलिटिक्स से आगे निकलकर सदन की रणनीति तक पहुंच गई है।
इस बार शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने ऐसा सियासी दांव खेला है, जिससे एकनाथ शिंदे की शिवसेना पूरी तरह खेल से बाहर हो सकती है।

उद्धव की ‘गैरहाजिरी रणनीति’ क्या है?

सूत्रों के मुताबिक, अगर BJP का मेयर उम्मीदवार मैदान में आता है, तो शिवसेना (UBT) के 65 पार्षद सदन से अनुपस्थित रहेंगे

इससे होगा ये कि कुल सदस्य: 227, सामान्य बहुमत: 114, 65 पार्षद गैरहाजिर- प्रभावी बहुमत घटकर 82 यानि BJP को अब शिंदे की जरूरत ही नहीं पड़ेगी

नंबर गेम में शिंदे सबसे कमजोर कड़ी?

फिलहाल समीकरण कुछ ऐसे हैं:

BJP: 89 सीटें, शिवसेना (शिंदे): 29 सीटें, कुल: 118 (स्पष्ट बहुमत) लेकिन अगर उद्धव गुट सदन से बाहर रहता है, तो BJP अकेले ही गेम पलट सकती है शिंदे सेना की बार्गेनिंग पावर खत्म।

फडणवीस–उद्धव बैकडोर बातचीत?

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बीच बैकडोर बातचीत भी चल रही है। खबरें यह भी कहती हैं कि BJP अब शिंदे को न मेयर, न स्टैंडिंग कमेटी, न BEST कमेटी देने के मूड में है।

‘टाइगर अभी जिंदा है’ – संजय राउत का वार

शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा:

“भाजपा अपने मेयर की बात करती है, शिंदे के पास पूरे 30 नगरसेवक भी नहीं हैं। टाइगर अभी जिंदा है… कभी-कभी मजा भी लेना चाहिए।”

साफ संकेत—शिंदे को सियासी सबक सिखाने की तैयारी पूरी है

BMC मेयर की लड़ाई अब सिर्फ संख्या नहीं, स्ट्रैटेजी की जंग बन चुकी है। अगर उद्धव ठाकरे की यह चाल चली, तो BJP को मेयर, शिंदे को साइडलाइन और मुंबई की राजनीति में नया पावर सेंटर उभर सकता है।

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